उत्तर प्रदेशसोनभद्र

मौत बनकर गरजी रफ्तार, एक झटके में उजड़ गई दो परिवारों की दुनिया

एनएच-39 पर अज्ञात वाहन का कहर: देवड़ी के दो युवकों की मौके पर दर्दनाक मौत, चीख-पुकार से गूंज उठा हाईवे; गांव में पसरा मातम, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

  • दुद्धी, सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
    राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-39 एक बार फिर खून से लाल हो गया। शुक्रवार की देर रात विंढमगंज थाना क्षेत्र के हीराचक स्थित बैगा धाम के समीप हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को इतनी भयावह टक्कर मारी कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन सहित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। कुछ ही क्षणों में खुशियों से भरे दो परिवार मातम में बदल गए और पूरे देवड़ी गांव में सन्नाटा छा गया।IMG 20260717 WA0036
    मृतकों की पहचान अखिलेश कुमार (35 वर्ष) पुत्र शिवप्रसाद तथा अंकुर (25 वर्ष) पुत्र छट्ठू, दोनों निवासी ग्राम देवड़ी के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक हीराचक बस्ती से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक बैगा धाम के समीप पहुंची, सामने से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल-112 तथा विंढमगंज थाना प्रभारी निरीक्षक रविकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा फरार वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।
    जानकारी के अनुसार अखिलेश कुमार अपनी ससुराल आया हुआ था और वापस घर लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया। जैसे ही यह मनहूस खबर देवड़ी गांव पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा और हर आंख से छलकते आंसू इस हादसे की भयावहता को बयां कर रहे हैं।
    इस घटना ने एक बार फिर एनएच-39 की बदहाल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बैगा धाम के आगे का क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटनाओं का ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। सड़क किनारे खड़े विशाल महुआ के पेड़, अपर्याप्त रोशनी, चेतावनी संकेतों का अभाव और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के कारण यहां पहले भी कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए।
    ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान पर हाईमास्ट लाइट, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, स्पीड कंट्रोल सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे और नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार की खुशियां यूं सड़क पर बिखरने से बच सकें।
    फिलहाल विंढमगंज पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। यह हृदयविदारक हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर गया है कि क्या एनएच-39 पर मौत का यह सिलसिला कभी थमेगा, या फिर यूं ही हर कुछ दिनों में किसी न किसी घर का चिराग बुझता रहेगा।

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